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Sri Prem Singh Meena, IAS
Secretary
Social Welfare Department
Shri Alok Kumar, IFS
Director , ICDS

किशोरियों के सर्वागीण विकास, कुपोषण की पीढीगत कुचक्र को तोडने एवं जीवन चक्र की रणनीति को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने हेतु केन्‍द्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजना ‘सबला’ बिहार राज्‍य में वर्ष 2011 से 12 जिलों में लागू है । वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में इसका नाम बदलकर किशोरी बालिकाओं के लिए योजना- SAG कर दिया गया एवं इसे केवल 11-14 वर्ष की स्‍कूल नहीं जाने वाली किशोरियों के लिए सीमित करते हुए राज्‍य के सभी 38 जिलों में लागू किया गया है।

योजना का मुख्‍य उदेश्‍य किशोरियों को सहयोग प्रदान कर स्‍वास्‍थ्‍य, पोषण एवं शिक्षा के स्‍तर में सुधार करना है ताकि वे आत्‍म निर्भर और जागरूक बने सके। इस योजना का निम्‍नलिखित उदेश्‍य है :-

किशोरियों को आत्‍म विकास एवं सशक्‍त बनाने में सहयोग करना।

पोषण एवं स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति में सुधार लाना।

स्‍वास्‍य, स्‍वच्‍छता और पोषण शिक्षा के द्वारा उन्‍हें जागरूक बनाना।

विघालय से बाहर के किशोरियों को औपाचारिक शिक्षा तंत्र में पुन: वापस लाना अथवा बैकल्पिक शिक्षा /कौशल विकसित करना।

इनकी गृह आधारित कौशल और जीवन कौशल का विकास करना।

उपलब्‍ध लोक सेवाओं जैसे प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, ग्रामीण अस्‍पताल/ सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, डाकघर, बैक, पुलिस स्‍टेशन आदि से संबंधित जानकारी/ मार्गदर्शन देना।

पोषण मद अन्‍तर्गत 11-14 वर्ष्‍ की स्‍कूल नहीं जाने वाली किशोरी बालिकाओं को टी0एच0आर0 के रूप में चावल, अण्‍डा एवं सोयाबडी उपलब्‍ध कराया जाता है। इस हेतु 9.50 रू. प्रति दिन प्रति लाभार्थी की दर से 600 कैलोरी एवं 18-20 ग्राम प्रोटीन युक्‍त पोषक सामग्री माह में 25 दिनों के लिए दी जाती है।

आयरन फोलिक एसिड संपूरण, स्‍वास्‍थ्‍य जॉच और रेफरल सेवाऍ, स्‍वास्‍थ्‍य और पोषण शिक्षा, विधालय से बाहर की किशोरियों को औपचारिक शिक्षा तंत्र में पुन: वापस लाना या वैकल्पिक शिक्षा/ कौशल विकासित करते हुए मुख्‍य धारा में लाना, जीवन कौशल शिक्षा, गृह प्रबंधन, लोक सेवाओं को प्राप्‍त करने का परामर्श/ मार्गदर्शन ।

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